६२ साल का एक बूढ़ा
संसद भवन से लापता है
क्याआप को उस का कुछ पता है .
वैसे आप ने सुना होगा
की आज से ६२ साल पहले
आजादी की कोख से पैदा हुआ था ये बूढ़ा
तब नेहरू जी बलवान थे
और पटेल की नसों में गर्म लहू दौड़ रहा था
कल अचानक उसे पता चल गया
की सरदार पटेल सो गए हैं
और नेहरू पत्थर की प्रतिमा हो गए हैं
संसद भवन से लापता है
क्याआप को उस का कुछ पता है .
वैसे आप ने सुना होगा
की आज से ६२ साल पहले
आजादी की कोख से पैदा हुआ था ये बूढ़ा
तब नेहरू जी बलवान थे
और पटेल की नसों में गर्म लहू दौड़ रहा था
कल अचानक उसे पता चल गया
की सरदार पटेल सो गए हैं
और नेहरू पत्थर की प्रतिमा हो गए हैं
और वह संसद की मोटी मोटी दीवारों को
वेध कर फरार होगया /
बुढ्ढे की कुछ खास पहचानें हैं
जैसे
उसकी एक आँख से गंगा
दूसरी से यमुना वह रही होगी
उस की जुवान
कभी कुरान की आयतें
कभी रामयण के छंद पढ़ रही होगी /
उस के लाल रहने वाले गाल आज पिचके होंगे
उस के सारे शरीर पर
कपड़ों की जगह नारे चिपके होंगे /
वह निरंतर दुराशाओं के जाल को
छल रहा होगा
जिसकी जैसी भावना होगी
बुढ्ढा उसे वैसा ही लग रहा होगा
अथवा सारे शहीदों के चेहरे को मिला कर
जो चेहरा गढ़ा जायेगा
उस चेहर में
बूढ़े का चेहरा साफ नजर आएगा /
क्या आपने
ऐसे किसी बुढ्ढे को इधर से जाते हुए देखा है /
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें